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दमा-दम मस्त कलंदर… सूफी संगीत से आगाज़ हुआ शेरशाह महोत्सव 

सासाराम (राणा अवधूत कुमार) : ‘दमा-दम मस्त कलंदर, वली का पहला नंबर. यार मेरे तू जो रखना सदा झुलेलाल, नसेबन्न मस्त कलंदर’ के सूफियाना अंदाज़ में ग्वालियर घराने के हैदराबादी सूफी गायक उस्ताद अहसान हुसैन और आदिल हुसैन की जोड़ी ने शनिवार की शाम रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम के न्यू स्टेडियम के प्रांगण में आयोजित शेरशाह महोत्सव में जो शमा बांधा तो देर रात तक गीत-संगीत की महफ़िल से पूरा शहर गुलज़ार होता रहा. पहली बार यहाँ आयोजित दो दिवसीय शेरशाह सूरी महोत्सव का आगाज इतना शानदार रहा कि करीब तीन घंटे तक ऐसा महसूस ही नहीं हुआ कि सासाराम की धरती पर भी इस तरह के बेहतरीन सूफी संगीत और गायकों का ऐसा भी कार्यक्रम हो सकता है.

‘तोहसे नैन मिला के, सुद्बुध मैंने खोया तोहसे नैन मिला के, सात जन्म सब तीर, रे तोहसे नैना मिलाके’, केवल इसी गीत को उस्ताद आदिल हुसैन ने करीब एक घंटे तक विभिन्न तुकबंदियों और शेर-ओ-शायरी के माध्यम से ऐसा माहौल बनाया कि पंडाल में उपस्थित शहर के सैकड़ों लोग वाहवाह करते नज़र आये. पिता-पुत्र की जोड़ी और उनके साजबंदों ने सासाराम की धरती पर सूफियाना संगीत पेश कर लोगों का ना सिर्फ दिल जीत लिया बल्कि शेरशाह महोत्सव को भी यादगार बनाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी.

कार्यक्रम का उद्घाटन

आखिर में ‘भर दे झोली मेरी या मोहम्मद, लौट के मैं ना जाउंगा खाली, दम-दम अली-अली, दम अली-अली’ गीत से हुसैन ने सूफी संगीत के उस पैगाम को पहुंचाने की कोशिश की जहां सूफी का अर्थ सिर्फ और सिर्फ मोहब्बत होता है. शेरशाह सूरी महोत्सव में तीन घंटें तक चले सूफी संगीत के बाद एक घंटे का कार्यक्रम भोजपुरी के नाम रहा, जिसमें कि स्थानीय भोजपुरी कलाकार विकास तिवारी और उनके साथियों ने भोजपुरी गीतों से लोगों का मन मोह लिया. भोजपुरी गीतों में मां का श्रृंगार और देवी गीतों से कलाकारों ने दर्शकों को भरपूर आनंद देने के साथ ही पूरे महफ़िल में चार चांद लगा दिया.

कार्यक्रम का उद्घाटन, सूफी कलाकारों का कार्यक्रम एवं निमंत्रण पत्र

इसके पूर्व महोत्सव का उद्घाटन सूबे की पर्यटन मंत्री अनीता चौधरी, प्रभारी डीएम हाशिम खान, एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों, प्रखंड प्रमुख राम कुमारी देवी सहित जिले के अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वल्लित कर किया.

कार्यक्रम का शुभारम्भ सासाराम के धरती से निकल हिन्दुस्तान की सरजमीं पर हुकूमत करने वाले शेरशाह की जीवनी को वृतचित्र के माध्यम से दिखाया गया. उद्घाटन सत्र में पर्यटन मंत्री ने शेरशाह को महान शासक बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने और रोहतास जिले को बिहार ही नहीं बल्कि देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की हरसंभव कोशिश करने का भरोसा दिया.

सूफी कलाकारों का कार्यक्रम

रोहतास के लिए यह गौरव की बात है कि इसी महीने में एक और बड़ा कार्यक्रम गुप्ता धाम महोत्सव पर्यटन विभाग के सहयोग से आगामी 22-23 मार्च को चेनारी में मनाया जायेगा. कार्यक्रम में प्रभारी डीएम हाशिम खान, एसपी मानवजीत सिंह, एडीएम ओमप्रकाश पाल,सदर डीएसपी आलोक रंजन एसडीओ अमरेन्द्र कुमार सहित 30 दंडाधिकारी और पुलिस-प्रशासन से जुड़े सभी आला अधिकारी पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे.

कार्यक्रम में नहीं दिखे जिले के जनप्रतिनिधि

जिले में पहली बार महोत्सव के रूप में शेरशाह महोत्सव का आयोजन किया गया लेकिन विपक्ष तो दूर सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि भी इससे दूरी बनाये रखे. इसकी वजहें  क्या हो सकती है, इस पर अटकलों का बाज़ार खूब गरम है. कारण कि जिस ताम-झाम के साथ जिला प्रशासन ने इस बहुप्रतीक्षित महोत्सव को लेकर जितने जनप्रतिनिधियों के नाम सूची में दर्ज कराये थे, क्या उनसे बिना सहमति लिए उनका नाम निमंत्रण कार्ड में छाप दिया गया. यदि ऐसा नहीं है तो यह जनप्रतिनिधियों की क्षेत्र के प्रति उदासीनता है या फिर उनकी अनदेखी, वैसे भी कार्यक्रम में आमजन की उपस्थिति भी सवालों के घेरे में हैं, क्योंकि आधी से अधिक कुर्सियां तो खाली पड़ी हुई थी.

निमंत्रण पत्र

जो कुर्सियां भरी भी हुई थी करीब 500 के आसपास प्रशासनिक महकमा के लोगों और उनके पारिवारिक सदस्यों के लोग कार्यक्रम का आनंद उठाते रहे. इतिहास और पर्यटन के मानचित्र पर सासाराम की पहचान के पीछे शेरशाह सूरी के नाम का एक अलग महत्व और उनके नाम पर पहली बार जिला प्रशासन के तत्वावधान में जा रहे महोत्सव में मीडिया से जुड़े लोग नदारत रहें तो स्वाभाविक है लोग तो पूछेंगे ही. प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि शायद उनके आव भगत की मनमाफिक व्यवस्था हमलोग नहीं कर पाए.

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