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बिहार के लाल ने इसरो में लहराया परचम

लाइव सिटीज डेस्क/गोपालगंज: मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनो में जान होती है, पंख से कुछ नहीं, हौसलों में उड़ान होती है. कुछ ऐसा ही कर दिखाया है माधव हाई स्कूल के छात्र अमृत ने मांझा प्रखंड का यह छात्र भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान में जूनियर वैज्ञानिक बनकर पूरे गांव सहित जिले का भी नाम रोशन कर रहा है.

अपनी इस उपलब्धि के बल पर पूरे गांव के छात्रों का रोल मॉडल बना हुआ है.
यही नहीं, उसने पांच अवार्ड भी जीत चुका है. उसने एक ऐसा स्विच तैयार किया है, जिसे वाहन में लगा देने पर जब वाहन पर ओवरलोड किया जायेगा तो वाहन अपने आप बन्द हो जायेगा. गौरतलब हो कि प्रखंड के बहोरा हाता गांव के रहनेवाले बेहद गरीब परिवार के गणेश पंडित का लड़का अमृत कुमार का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान बेंगलुरु में जूनियर वैज्ञानिक के पद पर हुआ है. उसने वर्ष 2010 में माधव हाई स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सिवान से इंटर विज्ञान की पढ़ाई 2012 में पूरी की व उसके बाद वह अन्नामलाई विश्वविद्यालय चेन्नई से बीटेक किया. उसी दौरान होनहार छात्र होने के कारण फाइनल वर्ष 2016 में उसका चयन अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान में जूनियर वैज्ञानिक के पद पर हो गया. जहां उसने एक ऐसा स्विच तैयार किया, जो वाहन में लगाने पर ओवरलोड होने पर वाहन अपने आप बन्द हो जायेगा.

साथ ही ग्लोबल वार्मिंग से बचने हेतु भी एक मशीन का अविष्कार किया. उसकी उपलब्धियों के बल पर उसे वर्ष 2016 में स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर उपरोक्त दोनों मशीनों के आविष्कार के लिए दो अवार्ड तथा सर्वश्रेष्ठ टीम लीडर के लिए एक व टीम मैनेजर के लिए एक सहित कुल पांच अवार्ड जीत चुका है. वर्तमान में वह जूनियर वैज्ञानिक के रूप में बेंगलुरु के अनुसंधान संस्थान में ही कार्यरत है. मांझागढ़ की मिट्टी के लाल अमृत की इस उपलब्धि पर समस्त छात्र अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं. माधव उच्च विद्यालय के प्राचार्य बृज बिहारी शर्मा कहते हैं किअमृत शुरू से ही काफी होनहार छात्र था, उसकी इस उपलब्धि पर पूरे विद्यालय परिवार को नाज है. भविष्य में वह और ऊंचाइयों तक जायेगा.

 

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