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वोडाफोन-आइडिया का विलय, बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

लाइव सिटीज डेस्क : टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो के आने के बाद कंपनियों के बीच ग्राहकों को लुभाने की होड़ चल रही है. इस बीच खबर आ रही है कि आइडिया और वोडाफोन में मर्जन का एलान हो गया. आइडिया सेलुलर बोर्ड ने वोडाफोन इंडिया लिमिटेड के साथ इसके पूर्ण स्वामित्व वाली वोडाफोन मोबाइल सर्विसेज के कंपनी के साथ विलय को मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के बाद दोनों अब देश के सबसे बड़े टेलीकॉम प्रोवाइडर के तौर पर जाने जाएंगे.

ब्रोकरेज कंपनी सीएलएसए की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नई कंपनी का रेवेन्यू 80,000 करोड़ से भी ज्यादा का होगा जो देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री के कुल रेवेन्यू का 43 प्रतिशत होगा. इसके साथ ही, नई कंपनी के पास भारतीय बाजार के कुल 40 प्रतिशत मोबाइल सब्सक्राइबर्स होंगे. इतना ही नहीं, कुल आवंटित स्पेक्ट्रम का 25 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी कंपनी के पास होगा. ऐसे में इसे 1 प्रतिशत स्पेक्ट्रम बेचना होगा ताकि इसकी सीमा से जुड़े नियम का पालन हो सके.


विलय में वोडाफोन और आइडिया के सभी शेयरों का विलय होगा, सिर्फ इंडस टावर्स में वोडाफोन के 42 प्रतिशत शेयरों को छोड़कर. आइडिया के नए शेयरों को वोडाफोन में जारी करने के साथ विलय लागू हो जाएगा और वोडाफोन इंडिया अपनी पैरंट कंपनी से अलग हो जाएगा. देश के टेलिकॉम मार्केट में पिछले साल आई कंपनी रिलायंस जियो बड़ी तेजी से पांव जमा रही है. कंपनी ने पहले वेलकम ऑफर और फिर हैपी न्यू इयर ऑफर के तहत फ्री वॉइस और डेटा सर्विसेज देकर बड़े पैमाने पर ग्राहकों को जोड़ने में कामयाब रही है.

मर्जर से क्या होगा असर
पहले ये खबर थी कि रिलायंस जियो का मुकाबला करने के लिए आइडिया और वोडाफोन का मर्जर होने जा रहा है. इससे देशभर में फैले आइडिया और वोडाफोन से बड़ी संख्या में लोगों की सेवाएं समाप्त हो सकती हैं. दोनों कंपनियों के मर्जर से जुड़े लोगों का मानना है कि देश में तीन लाख से ज्यादा लोग टेलीकॉम इंडस्ट्री में नौकरी करते हैं. लेकिन अगले 18 महीने की मर्जर प्रक्रिया के दौरान टेलिकॉम इंडस्ट्री से 10,000 से 25,000 लोगों की नौकरी पर तलवार लटक रही है.

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